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नारद जी की छड़ी

मई 12, 2006

प्रिय मित्रो,      

अवकाश के बाद पुनः आपके समक्ष मैं हाज़िर हूँ।   

   आते ही उन्मुक्त का हमें समर्पित किया गया यह पन्ना दिखा।  

अब हमें मर्टिन गार्डनर के बराबर में खड़ा कर दिया गया है।

और अपने बारे में मैं जानता हूँ।

लेकिन अब क्या किया जा सकता है, मैं भी इस बात का थोड़ा आनन्द ले लेता हूँ।

    चलिए, अब इस बार की पहेली की ओर बढ़ा जाए।

पहेली तो यहाँ है। आसान सी है।

पहेली-5

 तो हुआ ऐसा कि अपने नारद जी एक बार अपनी 7 इन्च लम्बी सोने की छड़ी लेकर धरती पर भ्रमण को आए।

 अब उन्हें सारे चिट्ठों की जानकारी वाले सजाल बनाने में सप्ताह भर का समय लगना था।

तो वे एक होटल में एक कक्ष लेने का विचार बना कर वहाँ पहुँच गए।

अब इनके पास कोई धनराशि तो थी नहीं , पर सात दिन के किराए के रूप में होटल के मैनेजर ने नारद जी से 7 (सात) इन्च लम्बी सोने की छड़ी लेना स्वीकार कर लिया।

पर मैनेजर ने हर रोज का किराया उसी दिन लेना चाहा।     

       तो इस बार की पहेली यह है कि नारद जी को कम से कम छड़ी के कितने टुकड़े करने होंगे , ताकि वो होटल का किराया चुका सकें?

और  उन टुकड़ों की लम्बाई क्या होगी?

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