पहेली
यह कोई शाहरूख खान की फ़िल्म नहीं है,
आपलोग तो बस केवल फ़िल्में ही देखते हैं।
अरे भई, हम यहाँ दिमाग के असली कसरत की बात कर रहे हैं।
मेरे एक मित्र ने कहा कि चिट्ठा-जगत में लोग खूब लिख रहे हैं,
मगर कुछ ऐसा नहीं है जिससे लोग अपने मस्तिष्क का परिक्षण कर सकें।तो हम उन्हीं मित्र की सलाह से (हमें बकायदा धमकाया भी गया था) पहेली सामने लेकर आये हैं।
कोशिश यही रहेगी कि विभिन्न प्रकार की पहेलियाँ यहाँ दी जायें, पर अगर कठिन लगे तो मुझे कोसने की जरुरत नहीं है, उसका श्रेय हमारे मित्र को ही मिलना चाहिये।
हर पहेली का जवाब तीन-चार दिनों में दिया जायेगा, तब तक शायद मैं भी इसका उत्तर ढूँढ लूँगा। भई, आखिर सही जवाब तो हमारे मित्र ही देंगे।
उनकी यह शर्त भी मुझे माननी ही पड़ी।
और हाँ, सही जवाब देने वाले को ईनाम भी दिया जायेगा, अब क्या दिया जायेगा , यह भी एक पहेली ही है भैया।
तो आईए, देखें ….किसमें कितना है दम।
पहेली: प्रथम
तो शुरूआत करते हैं थोड़े हल्के-फुल्के से।
आपके पास हर प्रकार से एक जैसी दो रस्सियाँ हैं।
एक रस्सी को जलने में अगर एक घन्टे का समय लगता है,
तो आप दोनो रस्सियों की सहायता से पौन घन्टे (45 मिनट) का समय कैसे मापेंगे?
रस्सी को मोड़ना या तोड़ना नहीं है।
ज़ाहिर है आपके पास घड़ी नहीं है।
April 20, 2006 at 7:08 am
इसी नाम से हमारे तरकश नेटवर्क का भी ब्लोग था. हम भी पहेलीयाँ रखते थे. पर वो खाश कुछ कामयाब नही रहा. शायद हमारे प्रयासों में ही कमी थी. लेकिन आपको शुभकामनाएँ. इस तरह के ब्लोग की कम थी. चलिए दिमागी कसरत करते है.
April 20, 2006 at 7:22 am
पंकज जी, बस मैनें भी एक प्रयोग के रूप में शुरूआत की है, अब देखें क्या होता है? वैसे हम तो हैं ही पहेलीबाज़, पहेलियाँ तो सुलझाते ही रहेंगे। और उसे यहाँ प्रकाशित करने में कोई कठिनाई नहीं है।
April 20, 2006 at 7:41 am
एक रस्सी पर आधे पर चिन्ह लगाकर दूसरी को जला देन्गे,
आधे पर पहुन्चने पर उसको बुझा कर, बिना जली वाली को उस चिन्ह पर काट देन्गे
और फ़िर से उसके आधे पर चिन्ह लगा कर, दूसरी को जला देन्गे।
इस बार जब वह जलती हुई चिन्ह तक पहुन्चेगी तब तक ४५ मिनट पूरे होन्गे।
अच्छा होगा कि दोनो रस्सियो को समान्तर लटका कर मापन किया जाय
April 20, 2006 at 7:49 am
मिश्र जी, आपका प्रयास सही है, पर अगर रस्सियाँ आधा जलने में आधा समय नहीं लेती हों तो।
रस्सियों की मोटाई अगर अनियमित हुई तो पूरी रस्सी एक घन्टे में जलेगी पर आधी रस्सी जलने में आधे घन्टे से अलग समय भी लग सकता है…..
और प्रश्न के अनुसार रस्सी को मोडना या तोडना वर्जित है।
April 20, 2006 at 9:58 am
बताया गया है कि हर प्रकार से एक जैसी २ रस्सियां हैं।
और तोड्ने मोड्ने के बात मैने के ही नही।
April 20, 2006 at 10:09 am
आप रस्सी तो काट रहें हैं न। तोडने मोडने से यहाँ मतलब काटने से ही है।
पर लगता है आप सही दिशा में सोच रहे हैं।
April 20, 2006 at 12:06 pm
दोनों रस्सियों को पास में जलाकर रख देंगे, जब दोनो रस्सी आधी जल जायेगी, ( अब इतना सामान्य ज्ञान तो सब में होगा कि आधी कहाँ तक होगी)तब एक अधजली रस्सी को उठा कर वहाँ रख देंगे जहाँ से पहले वाली रस्सी अभी जल रही है या जहाँ उसकी राख खत्म हो रही है ,फ़िर जब दोनो रस्सी आधी जलेगी ( बचे हुए टुकड़े) तब पैंतालिस मिनिट हो चुके होंगे.
April 20, 2006 at 8:09 pm
Its very simple, we will start burning one rope from one side and the other rope from both side. The rope which is burning from both side will be burnt completely in 30 mins and the rop which is burning from one side wil burn only half. Once the rope which is burning from both side is completly burnt we will start burning the second rope from the other side also the second half of the second rope will take 15 mins to burn completly.
So when both the ropes are completely burnt it will be 45 mins.
April 21, 2006 at 1:34 am
बहुत अच्छे|
लेकिन जवाब इतनी ज्लद्ी नहीं कम से कम एक रात का मौका तो सोचने का देते| चलिये एक मेरी तरफ से|
एक कमरे में तीन स्विच हैं तथा दूसरे कमरे में उससे जुड़े तीन ब्लब हैं| आप स्विच वाले कमरे में हैं| इसमे आप जो चाहें कर सकते हैं| आप स्विच वाले कमरे से बल्बों को नहीं देख सकते हैं बल्बों को देखने के लिये उसी कमरे में जाना पड़ेगा| एक बार ब्लबों वाले कमरे में जा कर आप वापस स्विच वाले कमरे में नही आ सकते हैं|
आपको बल्ब वाले कमरे में जा कर यह बताना है कि कौन सी स्विच किस ब्लब की है| जाहिरहै कि स्विच तथा ब्लब एक तरतीब से नहीं है यानी कि यह जरूरी नही कि नम्बर एक स्विच नम्बरएक ब्लब की हो|
आप चाहें तो इसे अपने ब्लौग मे प्रकाशित कर सकत्े हैं
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April 21, 2006 at 6:37 am
विपिन का उत्तर बिल्कुल सही ,
अगला सवाल उन्मुक्त जी की ओर से ही रहेगा।
April 21, 2006 at 4:29 pm
उन्मुक्त की पहेली मे दी गयी सूचना पर्याप्त नही लगती,
यदि ऐसा नही तो कोई प्रश्न को स्पष्ट एवं सरल करना चाहेगा क्या?