आरम्भ
April 19, 2006पहेली
यह कोई शाहरूख खान की फ़िल्म नहीं है,
आपलोग तो बस केवल फ़िल्में ही देखते हैं।
अरे भई, हम यहाँ दिमाग के असली कसरत की बात कर रहे हैं।
मेरे एक मित्र ने कहा कि चिट्ठा-जगत में लोग खूब लिख रहे हैं,
मगर कुछ ऐसा नहीं है जिससे लोग अपने मस्तिष्क का परिक्षण कर सकें।तो हम उन्हीं मित्र की सलाह से (हमें बकायदा धमकाया भी गया था) पहेली सामने लेकर आये हैं।
कोशिश यही रहेगी कि विभिन्न प्रकार की पहेलियाँ यहाँ दी जायें, पर अगर कठिन लगे तो मुझे कोसने की जरुरत नहीं है, उसका श्रेय हमारे मित्र को ही मिलना चाहिये।
हर पहेली का जवाब तीन-चार दिनों में दिया जायेगा, तब तक शायद मैं भी इसका उत्तर ढूँढ लूँगा। भई, आखिर सही जवाब तो हमारे मित्र ही देंगे।
उनकी यह शर्त भी मुझे माननी ही पड़ी।
और हाँ, सही जवाब देने वाले को ईनाम भी दिया जायेगा, अब क्या दिया जायेगा , यह भी एक पहेली ही है भैया।
तो आईए, देखें ….किसमें कितना है दम।
पहेली: प्रथम
तो शुरूआत करते हैं थोड़े हल्के-फुल्के से।
आपके पास हर प्रकार से एक जैसी दो रस्सियाँ हैं।
एक रस्सी को जलने में अगर एक घन्टे का समय लगता है,
तो आप दोनो रस्सियों की सहायता से पौन घन्टे (45 मिनट) का समय कैसे मापेंगे?
रस्सी को मोड़ना या तोड़ना नहीं है।
ज़ाहिर है आपके पास घड़ी नहीं है।